






आज संक्रांतिपर्व पर शुभकामनाये एवं आप सभी को हम संस्कारधानी वासियों की तरफ से संक्रांति मेले पर निमंत्रित करते है ।
मेले व कुम्भ का आज प्रथम दिन था । मै आप सभी को अपने जबलपुर के नर्मदा घाटों के मेले के कुच्छ सजीव चित्रों व घटनाओं से अवगत करोंगी । मैंने ३३ वर्षों मै पहला मेला देखा है मुझे अच्छा लगा । किताबों में व फिल्मो में पढ़ा व देखा था पर सजीव नहीं देखा था आज यह संभव हो पाया । मै भीड़ से हमेशा दूर रहीहूं यही कारण था की मैंने आज तक कोई मेला नहीं देखा ,पर आज की भीड़ मुझे अच्छी लगी । आज चरितार्थ हो रहा था की धरम व ईश्वर का डर अभी जनमानस मै है (यह डर हमेशा बना रहे ) जबलपुर व विश्व ही ठंड व शीत लहर के प्रकोप को झेल रहा है इस कारण सूर्योदय के समय भीड़ थी पर कम । धीरे धीरे सूर्य के बढ़ते तापमान के साथ लोगों की भीड़ ने जन सैलाब का रूप ले लिया ।
आज नर्मदा के तट पर विशालजन सैलाब दिखाई दे रहा था । तकरीबन ४५ से ५० हजार तक लागों ने नर्मदा में नहाकर स्वर्ग में अपना स्थान निश्चित किया (शाश्त्रों के अनुसार ) और संक्रांति पर्व का आनन्द उठाया । प्रातः काल नर्मदा के जल से भाप निकल रही थी धुंध ने सम्पुर्ण नर्मदा के तटों को अपनी आगोश में ले रखा था । मै लेखक ,कविताकार नहीं हूँ इस कारण हो सकता है की मेरे शब्द सम्पुर्ण सोंदर्य को व्यक्त नहीं कर पारहे हों इस कारण मैने अपने कैमरे की मदद ली है ।
नर्मदा , कैमरा और मेरा भाई इस मेले में मेरे साथ रहे ।
मेले में जबलपुर की जनता ,शासन व पुलिस प्रशासन की भूमिका सराहनीय है । जगह जगह विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है , कुछ समितियों ने शरबत की व्यवस्था की है ,तकरीबन १००० पोलिस कर्मी लगे है ,महिला पोलिस कर्मी भी लगे है
रामपुर chauk से सड़क के दोनों तरफ तरह तरह के सामानों की दुकाने लगी हुई है इस मै आप को नहाने के लिए मग ,टावेल ,अंडरवियर ,आदि (यदि आप अचानक ही नर्मदा की तरफ निकल पड़े है तो कोई बात नहीं रस्तेमै आप को सब मिल जायेगा ) पूजा की सामग्री , बच्चो के खिलौने , सब्जी , घर ग्रहस्ती का पूरा सामान आप को मिल जायेगा ।
यदि आप को अपने किसी का नाम अपने हाथ पर गुदवाना है (गुदना गुदवाना या वर्त्तमान बीhasha में कहे तो टेटू , लिखवाना है तो इस की भी पूरी व्यवस्था है आज के लिए इतना ही ।
यह लिखते समय मुझे अपना प्राथमिक शाला का इम्तहान याद आ रहा है जब मै मेले पर निबंध को याद करके लिखती थी , osi समय से ही मेले का चित्रण मेरे बिमाग में बना हुआ था जिसे मेने आज सच पाया ।
आप सभी आमंत्रित है संस्कार धानी मै .......................










