सोमवार, 14 नवंबर 2011

har har narmadekartik purnima(bhedagat ka mela)






















ब्लॉग की दुनिया में मैबहुत समय बाद आ रही हूँ .. kuch दिन बीते  भेडाघाट का मेला गया है तो मै आप सभी को अपने जबलपुर के इस स्थान के कुछ फोटो प्रदर्शित कर रही हूँ इनफोटो मे नर्मदा के कुछ सजीव चित्र के साथ ही कुछ ज्वलंत प्रश्न के  उत्तर भी मे ब्लॉग की दुनिया लिखने व् पड़ने वालों से मे चाहती हूँ मैं जिलहरी घाट ,भेडाघाट ,सरस्वती घाट ,गारी  घाट ,dhuandhar kai jagahon को आप के samane prstut kiya है  ean phato mai kahi sangmarmar ki khubsurat च्ठ्तानो मे अजंता एलोरा बना हुआ है तो कही कोई मुनि समाधी मे लीनहै और उसका चेला उसे धक्का दे रहा है कही नीला तो कही गुलाबी संगमरमर तो कही पढ़े लिखों के लिए ब्लैक एंड white तोबिना पढ़े लिखों के लिए सफेद और काला संगमरमर है कही राजकपूर ने गाना गया है तो कही रेखा की लाल  साडी ने चटानो  को गुलाबी कर दिया है . कही पर नर्मदा 8 फिट गहरी है तो कही पर ८०० फिट गहरे का नाम सुनते से ही नाव मे सवार यात्रियों को भगवान की याद आजाती है उसी छन ५० फिट ऊचीचट्टान पर चढ़ा १० से १२ साल के बच्चे सिर्फ २० रूपये के लिए ८००फित गहरे पानी मे छलांग लगातेहै और हम अपने बच्चे को नाव मे ही जोर से पकड़ कर रखते है उसे पानी मे भी हाथ नहीं डालने देते . तब लगता है की क्याजिंदगी की कीमत मात्र २० रूपये है ?वही गुआरीघाट पर हमारी अंधी आस्था ने नर्मदा को रोने पर मजबूर कर दिया है हम दीप प्रकाश के लिए जलाते है पर उसे नर्मदा मे दान करने का क्या अर्थ है यदि आप को पता हो तो मुझे जरुर बताए  कुछ फोटो मेरे नर्मदा के दर्द को भी बया करते है आप सभी से अनुरोध है की नर्मदा को गंगा न बननेदे अपने आने वाले कल को केवल धन की जरुरत नहीं है उसे जीने के लिए शुद्ध जल ,हवा  ,की जरुरत सबसे पहले है नर्मदा पर आगे जरुर चर्चा करेगे  आपके सुझाव के साथ  धन्य वाद . 
निवेदन है की किसी भी नदी मे दीप दान ना करे ,यदि आप को दान करने की तीव्र इक्छा हो तो किसी को shiksha   दान करे ,bhukun की kami नहीं है hamare desh मे अनाज का दान करे  धन्यवाद 

मंगलवार, 8 नवंबर 2011

eed mubarak


Eid ul adha is eid of sacrifice,
and commitment to Allahs orders,
May Allah bless us with the same in all circles of life,
and help all amongst us,
who are helpless,worried,
and waiting for his rehmat,
Ameen.Eid Mubarak.

बुधवार, 24 फ़रवरी 2010

परेशानी या


परेशानी को सब अपनी पेशानी में लिखाकर लाते है परेशानी आज के वातावरण मे हर किसी को है । मै भी और आप भी सभी इसका शिकार होते है बात तो तब होती है जब आप की परेशानी मै केवल आप ही परेशान हों आप के अपने नहीं ।
यदि हम पुरानी बाते माने तो ईश्वर तक को परेशानियाँ आई है फिर हम तो मानव है और मेरा मानना है की मानव यदि खुद पर विश्वास करे तो खुदी को बदल देता है ।
परेशानी इसलिए नहीं आती की आप कमजोर बन जाये ,बल्कि आप के अभी तक के काम व् काम करने के तरीके मै कुछ कमियां होंगी जो आप को आगे बढ़ने से रोक सकती है ,आप काम करने के तरीके पर पुनः विचार करे व् काम को या आपने विचारों को नए तरीके से प्रस्तुत करे परेशानिया जरुर कम होगी यह मेरा अनुभव है ।
परन्तु कभी कभी सकारात्मक विचार वाला भी हताश हो जाता है तब ?
तब आपने विशवास के साथ उस ईश्वर पर विश्वास हमेशा बनाकर रखे देर से ही सही वह कुछ अच्छा तो हर किसी के साथ लिखता है हम अनजाने में ही कुछ एसा कर देते है जो परेशनियों को जन्म दे चूका होता है और हमें परेशानियों का सामना करना पडता है ।
और कुछ लोग जो महाभारत के कर्ण के समान किस्मत लिखा कर आते है वे जानते है की वे जो कर रहे है वह गलत है पर वे उसे छोड़ नहीं पाते हमेशा परेशान रहते है और जो सही के कर्ण होते है वे दानवीर हो जाते है और खुश रहते है ।
परेशानी मेरे खीचे इस फोटो के समान है जिसमे विषय तो दिख रहा है पर साफ नही ,सब कुछ मिला हुआ सा नजर आता है ,आँख गड़ाने पर भी कुछ साफ नहीं होता न ही आँख धोने पर फोटो साफ हो सकता है यही तो परेशानी है ।
परेशानी कभी भी परेशान होने से दूर नहीं होती
आप किसी भी कारण से परेशान हो कभी भी अपने दोस्तों के लिए अपने दरवाजे बंद न करे ।
परेशानी मे किसी से भी बात करने का मन नहीं होता है पर दुनिया बहुत बड़ी है कोइ न कोइ तो होगा ही जिससे आप बात करना चाहे या कोइ आप से बात करना चाहे उससे अपनी परेशानी जरूर बताये ,इधर -उधर की बातों से अच्छा है काम की बात करे ।
दुनियां में आप अकेले ही परेशान नहीं है और भी है आप और हम जेसे ।
परेशानी किसी को बताने से कम नहीं होती पर अकेले भी हल नहीं होती ....
परेशानी में मन की बात जरुर माने (जेसे यदि आप फ़िल्म ,गेम ,या घूमना ,नेट चेट,पेंटिग या कुछ भी एसा जो करने से आप को लगे की कुछ अच्छा हुआ या किया तो आप ने सही किया )
परेशानी में मन की बात पर उतना ही समय दे जिससे आप को समय की बर्बादी का अपराध बोध न हो
परेशानी कोइ भी हो उसका हल है जरूरत है ईमानदारी के साथ सकारात्मक प्रयास की
ब्लॉग की दुनिया परिवार से अनुरोध है की अपने परिवार को पर्याप्त समय दे अकेलापन परेशानी का सबसे बड़ा कारण हो सकता है
आज के लिए बस इतना कल फिर मिलेगे नए फोटो व् घटना व् विचारों के साथ मिलेगे शुभ रात्रि

मंगलवार, 23 फ़रवरी 2010

आस्था


यह हमारे जबलपुर का बरेला का प्रसिद्ध माँ शारदा का मंदिर है । पहाड़ियों पर बसा यह माँ का घर अत्यंत आनंद दाईहै । माँ बच्चे के मन की बात बिना कहे ही समझ जाती है तो इन घंटियों में पन्नी बढ़ने का क्याऔचित्य है .............?
आपनी आस्था पर विस्वास करे अविश्वास की पट्टिया यहाँ -वहां बांधे

रविवार, 21 फ़रवरी 2010

शादी (वीवाह)

इन दिनों मै अपनी छोटी बहन की शादी मै व्यस्त थी । इसी शादी मै मुझे बिहार जाना पड़ा ।
बिहार (पाटलिपुत्र )के दर्शन तो मै आप को बाद मै कराउंगी पहले शादी के बारे मै कुछ विचारों का आदानप्रदान हो जाये ।
मेरे विचार से शादी वह रिश्ता है जो दो परिवारों को जोड़ता है ।शादी महिला व् पुरुष के लिए सुरक्षा की अनुभूति है ।
शादी एक सुखद अहसास है
शादी वह रस्म है जिसके दुवारा दो व्यक्ति (महिला व् पुरुष )अगनी (तेज )को साक्षी मानकर आपने आप से वादा करते है की अब , अभी , से मै से हम बन गए है ।
शादी एक उत्सव हैजो आप के जीवन में उत्साह लाताहै ।
शादी वह ख़ुशी है जो आप को जिंदगी से और स्नेह करना सिखाती हैपरन्तु

मुझे बड़े दुख के साथ यह भी लिखना पड़ रहा है की शादी दुखों का अथाह सागर भी है
कारण

जीवन में बिना समायोजन के आप रह नहीं सकते परन्तु शादी पूरी तरह समायोजन पर टिकी होती है और समायोजन की पूरी कोशिश वह महिला करती है । एक महिला को माँ के गर्भ से ही सिखाया जाता है की वह कमजोर है उसे जीवन किसी सहारे के ही बिताना होगा यह सोच उसके वयस्क होते तक दीमाग मे बैट जाती है ।
महिला रिश्ते बनाती है और उसे सम्हालती भी है परन्तु न जाने कब ऐसा लगता है की वह रिश्ते को ढो रही है जबतक उसे इस बात का अहसास नहीं होता वह समायोजन की हर शर्तों पर सही साबित होती है परन्तु रिश्तों को ढोने का अहसास उसे कमजोर बना देता है वह हार जाती है समायोजन की सारी सरते एक - एक कर वह समाप्त करती जाती है और वही से आप की वैवाहिक जीवन में तनाव आने लगते है या कहे की सामने दिखने लगते है ।
वैवाहिक्जीवन जो एक सब्द है वह था में परिवर्तित हो जाता है और आगे वैवाहिक बस बचता है उसमे से जीवन अलग हो जाता है हर इन्सान के साथ ऐसा नहीं होता पर हर इन्सान के साथ कुछ तो जरूर होता है ।
शादी एक पर्व है उसे उत्साह व् उमंग के साथ मनाये यह मेरा आप सभी से आग्रह है ।
शादी मे जाते समय हमेशा याद रखे की आप को आप के घर जैसी व्यवस्था कुछ kara

शनिवार, 20 फ़रवरी 2010

गुलाब दिवस पर सुभकामनाये(रोस डे )


आप सभी ब्लॉग की दुनिया पिर्वार वालो को सन्डे ब्लॉग को सहयोग व प्रोत्साइह्त करने के लिए में आभारी हूँ ।
कुछ अंतराल के बाद मै आप सभी को अपने अनुभव व फोटो भेज रही हूँ इसका मुझे खेद है पर मै अभी जबलपुर से बाहर गयी हुई थी ,व asi jagah गयी हुई थी ki chahkar भी ब्लॉग की दुनिया परिवार से संपर्क नहीं हो सकता था कारन बिजली का न होना अतः आप सभी से निवेदन है की बिजली का सदुअपयोग करे धन्यवाद ।

आप सभी को गुलाब दीवस पर बहुत बहुत शुभकामनाये
मै पहले ही बता चुकी हूँ की मुझे सभी फूल अच्छे लगते है ।फूल व बच्चे है जिन्हे देखकर मन प्रसन्न हो जाता है । सभी फूलों में कुछ विशेता होती है पर गुलाब मुझे बहुत अच्छे लगते है इसका कारन है इनके काटें ।
गुलाब की सुंदरता मै उसकी खुसबू , रंग , व बनावट के साथ ही उसके काटो का भी बराबर का योगदान मानती हूँ । काटे न होते तो गुलाब मेरा पसंदीदा फूल न होता काँटों की चुभन के बाद गुलाब की पंखुडियो के स्पर्श का अहसास रोमांस और रोमांच से भरपूर होता है
गुलाब यह भी बताता है की यदी आपके लब
गुलाब की पंखुरियो की तरह हैं तो आप अपनी मुस्कान के साथ उन कांटो की चुभन को सहने की हिम्मत रखते है क्योकी हर लब गुलाब की पंखुडियो की तरह नहीं होते

गुलाब वह फूल है जो कांटो मैं रहकर या कहे की कांटो के साथ ही खिलता है अपनी सुंदरता पूरी दुनिया मैं देता है
रोस डे पर आप सभी को बहुत-२ मुबारक आप सभी का जीवन गुलाब के फूल की तरह सुंदर व चुनोतियो पर विजय प्राप्त करता हुआ निरंतर प्रगतिशील
रहे
मिलते है वलिन्तिने डे पर कुछ अलग विचारो के साथ



गुरुवार, 4 फ़रवरी 2010

फूल और मै


आज मै आप से बहुत अंतराल के बाद मील रही हूँ , इसलिए फूलों के साथ आई हूँ ।
फूल मुझे सभी अच्छे लगते है